सजा दो शहर की हर गलियां मेरे घनश्याम आए है लिरिक्स

सजा दो शहर की हर गलियां,
मेरे घनश्याम आए है,
फैला दो हर तरफ खुशबु,
मेरे साहूकार आए है,
सजा दो शहर की हर गलियाँ,
मेरे घनश्याम आए है।।

तर्ज – सजा दो घर को गुलशन।



जमाने भर में चर्चे है,

हाँ इनकी रहनूमाई के,
हाँ इनकी रहनूमाई के,
जलाओ दीप ज्योति के.
मेरे श्री श्याम आए है,
सजा दो शहर की हर गलियाँ,
मेरे घनश्याम आए है।।



चमक चेहरे पे इतनी है,

की चमके चाँद सा मुखड़ा,
की चमके चाँद सा मुखड़ा,
नज़र इनको ना लग जाए,
मेरे दिलदार आए है,
सजा दो शहर की हर गलियाँ,
मेरे घनश्याम आए है।।



मेरे दिल की कहूं मैं क्या,

खुशी का ना ठिकाना है,
खुशी का ना ठिकाना है,
करूँ दीदार दिलबर के,
‘चहल’ दीदार पाए है,
सजा दो शहर की हर गलियाँ,
मेरे घनश्याम आए है।।



सजा दो शहर की हर गलियां,

मेरे घनश्याम आए है,
फैला दो हर तरफ खुशबु,
मेरे साहूकार आए है,
सजा दो शहर की हर गलियाँ,
मेरे घनश्याम आए है।।

Singer – Jaswinder Singh


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