रूनीचे रा राजवी ओ थारी महिमा अपरम्पार

रूनीचे रा राजवी ओ,
ओ थारी महिमा अपरम्पार,
जातरू आवे घणा,
मै तो वारी जाऊँ,
मै तो वारी जाऊँ,
परचा थारा बडा़,
मै तो नाच निवन बाबा थाने करां।।



कुंवर वंश रे मायने जी,

ओ बाबा आप लियो अवतार,
प्रगट पालनीये आया,
मै तो वारी जाऊँ,
मैं तो वारी जाऊँ,
अजमल आंगन आया,
कलजुग मे उपजी थारी माया।।



राम सरोवर पाल पे ओ,
ओ बाबा बनीयो थारो धाम,
सकल रो होवे भलो,
मै तो वारी जाऊँ,
मैं तो वारी जाऊँ,
किरपा आप करो,
भक्ता री खाली झोली भरी।।



पैदल पैदल जातरी ओ,

ओ थारे आवे दिन और रात,
आस ले मन में घणी,
मै तो वारी जाऊँ,
मैं तो वारी जाऊँ,
महिमा थारी बडी,
रखवाला थे हो साचा धणी।।



दास अशोक री विनती ओ,

ओ बाबा आयो थारे द्वार,
अरज कर जोेडे करां,
मै तो वारी जाऊँ,
मैं तो वारी जाऊँ,
सुमिरन थारो करां,
हिवडा मे ध्यान मै थारो धरा।।



रूनीचे रा राजवी ओ,

ओ थारी महिमा अपरम्पार,
जातरू आवे घणा,
मै तो वारी जाऊँ,
मै तो वारी जाऊँ,
परचा थारा बडा़,
मै तो नाच निवन बाबा थाने करां।।

गायक – मोईनुद्दीन जी मनचला।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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