रूपनगर रे माय मारा सतगुरु सा रो धाम जी

रूपनगर रे माय मारा,
सतगुरु सा रो धाम जी,
अरे रूपनगर रे माय,
मारा सतगुरु सा रो धाम जी,
माघ महिना मे मेलो जोर रो ,
आसोज दसम रो मेलो जोर रो,
अरे मारे जानो रे दर्शन करवा रे,
रूपनगर जानो रे।।



अरे भगतो वाला टोला आवे,

सतगुरु सा रे धाम पे,
अरे भगतो वाला टोला आवे,
सतगुरु सा रे धाम पे,
नर नारी बालकीया साथ में,
नर नारी बालकीया आवे साथ मे,
अरे मारे जानो रे दर्शन करवा रे,
रूपनगर जानो रे।।



अरे दुखीया ने सुखीया तो आवे,

दाता थोरा चरना मे,
ए दुखीया ने सुखीया तो आवे,
थोरा चरना मे,
गणेश दासजी रा दर्शन पावता,
गणेश दासजी रा दर्शन पावता,
ओ किरपा किजो थे,
ए दर्शन दिजो माने,
ओ किरपा किजो रे।।



ओ माघ महिना री दसम आ गई,

दुनिया आवे दर्शन जी,
ओ माघ महिना री दसम आ गई,
दुनिया आवे दर्शन जी,
थोरा रे चरना मे शिश निवावीया,
थोरा रे चरना मे शिश निवावीया,
ए महिमा गावा रे,
ए सुन्धा लाईव मे भजन गावा रे,
ए मारे जानो रे ए दर्शन करना रे,
ए दर्शन जानो माने।।



रूपनगर रे माय मारा,

सतगुरु सा रो धाम जी,
अरे रूपनगर रे माय,
मारा सतगुरु सा रो धाम जी,
माघ महिना मे मेलो जोर रो ,
आसोज दसम रो मेलो जोर रो,
अरे मारे जानो रे दर्शन करवा रे,
रूपनगर जानो रे।।

गायक – संत कन्हैयालाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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