प्रथम पेज राजस्थानी भजन रिमझिम रिमझिम करती म्हारी मात जमुवा आवे ओ

रिमझिम रिमझिम करती म्हारी मात जमुवा आवे ओ

रिमझिम रिमझिम करती म्हारी,
मात जमुवा आवे ओ,
आगे रे आगे काला गोरा,
आगे रे आगे काला गोरा,
घुंगरीया घमकावे ओ,
रिमझिंम रिमझिंम करती म्हारी,
मात जमुवा आवे ओ।।



रामगढ़ मे आप बिराजो,

रामगढ़ मे आप बिराजो,
ऊंचा भाकर वाली ओ,
हे जगदम्बा हे जग जननी,
हे जगदम्बा हे जग जननी,
भगता री इतकारी ओ,
रिमझिंम रिमझिंम करती म्हारी,
मात जमुवा आवे ओ।।



कच्छवाहा कुल री कहिजो मावडी,

कच्छवाहा कुल री कहिजो मावडी,
दर्शन म्हाने दीजो ओ,
मै तो थारे चरने आया,
मै तो थारेे चरनो मे आया,
चरना मे माँ राखो ओ,
रिमझिंम रिमझिंम करती म्हारी,
मात जमुवा आवे ओ।।



बालोतरा सु संग पैदल आवे,

बालोतरा सु संग पैदल आवे,
जमुवाय माँ ने मनावे ओ,
थारे द्वार जयकारा बोले,
थारे द्वार जयकारा बोले,
थाने अरज सुनावे ओ,
रिमझिंम रिमझिंम करती म्हारी,
मात जमुवा आवे ओ।।



बडली वाला पुजु खेतलाजी,

बडली वाला पुजु खेतलाजी,
जिनसु मैया राजी ओ,
माँ रा बेटा काला गोरा,
माँ रा बेटा काला गोरा,
कहिजे आगलवानी ओ,
रिमझिंम रिमझिंम करती म्हारी,
मात जमुवा आवे ओ।।



कलयुग मे माँ एक आसरो,

कलयुग मे माँ एक आसरो,
कुलदेवी माँ म्हारी ओ,
‘मोहन माली’करे विनती,
मोहन कच्छ करे विनती,
चरना मे माँ राखो ओ,
रिमझिंम रिमझिंम करती म्हारी,
मात जमुवा आवे ओ।।



रिमझिम रिमझिम करती म्हारी,
मात जमुवा आवे ओ,
आगे रे आगे काला गोरा,
आगे रे आगे काला गोरा,
घुंगरीया घमकावे ओ,
रिमझिंम रिमझिंम करती म्हारी,
मात जमुवा आवे ओ।।

गायक – श्याम पालीवाल जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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