राधे राधे रट ले रे सुबह शाम जप ले रे भजन लिरिक्स

राधे राधे रट ले रे,
सुबह शाम जप ले रे,
कट जायेंगे तेरे दोष रे।।



कृष्ण की है साधना ये,

शक्ति का रूप है,
पावन पुनीत नाम,
रूप ये अनूप है,
रसिकों ने रटा है,
संतों ने जपा है,
सच्ची है बात जरा सोच रे,
राधे राधे रट ले रें,
सुबह शाम जप ले रे,
कट जायेंगे तेरे दोष रे।।



जिसके भी होंठों पे,

राधा का नाम है,
उसके तो जीवन में,
हर पल आराम है,
नाम ये अनूठा है,
मिश्री सा मीठा है,
सच्ची है बात जरा सोच रे,
राधे राधे रट ले रें,
सुबह शाम जप ले रे,
कट जायेंगे तेरे दोष रे।।



बरसाने वाली की,

प्यारी सी सूरत है,
‘चोखानी’ राधा की,
कृपामयी मूरत है,
‘शिवानंद’ जपता है,
राधा राधा रटता है,
सच्ची है बात जरा सोच रे,
राधे राधे रट ले रें,
सुबह शाम जप ले रे,
कट जायेंगे तेरे दोष रे।।



राधे राधे रट ले रे,

सुबह शाम जप ले रे,
कट जायेंगे तेरे दोष रे।।

Singer – Shivanand Chanchal