गुरू वासुदेव जी को बार बार वन्दना भजन लिरिक्स
गुरू वासुदेव जी को, बार बार वन्दना, बार बार वन्दना, हजार बार वन्दना, बार बार वन्दना, हजार बार वन्दना, गुरू ...
Read moreDetailsगुरू वासुदेव जी को, बार बार वन्दना, बार बार वन्दना, हजार बार वन्दना, बार बार वन्दना, हजार बार वन्दना, गुरू ...
Read moreDetailsज्यारा परचा है भरपूर, गुरूजी रा नाम बडा, ओ ज्यारी महिमा अपरंपार, भगत आवे खडा खडा, ज्यारा परचा है भरपुर, ...
Read moreDetailsमैं तो गुरूवर रा गुण गाऊँ म्हारी माँ, दोहा - गौ गंगा और गायत्री से, ऊपर गुरू रो नाम, गुरू ...
Read moreDetailsगुरू शब्द पहचान जगत में, राख सके तो राख नके, जिन-जिन शब्द हिवड़ा में, धारिया वो कांकरा ही रामै बिके।। ...
Read moreDetailsम्हें तो ढूंढ्यो जग सारो, था स्यूं कोई नहीं न्यारो, देख्यो थां रो ही उणियारो, अब तो मोर मुकुट सिर ...
Read moreDetailsनंदलाल, नंदलाल, नंदलाल, ओ गौ माँ के रखवाले, सुन जग के पालनहारे, सुन जग के पालनहारे।। तर्ज - ओ दुनिया ...
Read moreDetailsमैया की दया जिसपे हो जाए, उसकी तो फिर बात ही निराली, सारे झंझट दूर करे मैया, उस घर हो ...
Read moreDetailsइतना दिया तूने, ओ शीश के दानी, तेरा शुक्रिया, है तेरा शुक्रिया।। तर्ज - ये रेशमी झुल्फें। मेरी तक़दीर में ...
Read moreDetailsश्याम धणी तेरी सांवरी सूरत, लागे सै घणी ये प्यारी, मैं तो जाऊं बलिहारी।। मोर मुकुट तेरे सर पे सोहे, ...
Read moreDetailsहूँ लड्यो घणो हूँ सहयो घणो, दोहा - हल्दीघाटी मे रक्त बहा जब, कण कण उसका बोला है, मुगलों की ...
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