कुशल कारीगरी ही इनकी पहचान विश्वकर्मा भजन लिरिक्स
कुशल कारीगरी ही इनकी पहचान, ब्रम्ह स्वरुप ये विश्वकर्मा भगवान है, गूंज रहा नौ-खंड में इनका जयकारा, इनकी कृपा से ...
Read moreDetailsकुशल कारीगरी ही इनकी पहचान, ब्रम्ह स्वरुप ये विश्वकर्मा भगवान है, गूंज रहा नौ-खंड में इनका जयकारा, इनकी कृपा से ...
Read moreDetailsतूने अखियों से पिलाई, मस्ती हमको यूं चढ़ाई, मै नाचूं लेके तेरा नाम, जरा सी हाए जरा सी ओय, जरा ...
Read moreDetailsडेडरिया छोड़ छिलरिये री आसा, डेडरिया रे वीरा, तजदे छिलरिये री आसा, यो तो छिलरियो घड़ी पलक रो, कर ले ...
Read moreDetailsयो तो रे घर और है भाई साधु, गुरु बिन पावोला नाय, गुरु बिन पावोला नाय।। नही ज्ञानी नही ध्यानी, ...
Read moreDetailsमुझपे कृपा करो मेरे, माँ अंजनी के लाला, भक्ति से भर दो गागर, मेरी भी बजरंग बाला, भक्ति से भर ...
Read moreDetailsम्हारा सतगुरु दीनदयाल, शब्द वाली नाव बनाई रे।। नाव में बैठा मीराबाई, हार बन आयो रे, गले को हार बनाए ...
Read moreDetailsमैं मस्ताना सकल दीवाना, पाव पलक री है भगति, हीरो हेरिया हीरो हाथ नही आवे, शीश उतार लड़ो कुश्ती।। राजा ...
Read moreDetailsअसल निज सार की भाई साधु, सतगुरु सेन बताय, सतगुरु सेंन बताय।। सुरता शब्द विचार नुरत घर, पहरा दीना, पाँच ...
Read moreDetailsकाशी से तो हम चल आये, तेरी सुणी बढ़ाई, केवे कबीर सा सुणो गोरखजी, सिमरन री गति काई, राम भजन ...
Read moreDetailsतुम अगर द्वार भोले के आते रहो, काम जो भी हैं बिगड़े सुधर जाएंगे, बाबा शिव को पुकारा जो मन ...
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