घनश्याम तुम्हारे मंदिर में मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ लिरिक्स

घनश्याम तुम्हारे मंदिर में, मैं तुम्हे रिझाने आई हूँ, वाणी में तनिक मिठास नहीं, पर विनय सुनाने आई हूँ।। मैं ...

Read moreDetails

कुशल कारीगरी ही इनकी पहचान विश्वकर्मा भजन लिरिक्स

कुशल कारीगरी ही इनकी पहचान, ब्रम्ह स्वरुप ये विश्वकर्मा भगवान है, गूंज रहा नौ-खंड में इनका जयकारा, इनकी कृपा से ...

Read moreDetails
Page 852 of 1580 1 851 852 853 1,580
error: कृपया प्ले स्टोर या एप्प स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे