झुँझन वाली रानी सती का प्यारा सजा दरबार है भजन लिरिक्स
झुँझन वाली रानी सती का, प्यारा सजा दरबार है, बैठ सिंहासन म्हारी मैया, खूब लुटा रही प्यार है।। तर्ज - ...
Read moreDetailsझुँझन वाली रानी सती का, प्यारा सजा दरबार है, बैठ सिंहासन म्हारी मैया, खूब लुटा रही प्यार है।। तर्ज - ...
Read moreDetailsअगर एक बार श्री राधे, तेरा दीदार हो जाए, मुझे भी तेरे चरणों से, श्री राधे प्यार हो जाए।। करुणामई ...
Read moreDetailsचन्द्रघंटा माँ से अर्जी मेरी, मैं दास बनूँ तेरा, अब जैसे मर्जी तेरी, मैं दास बनूँ तेरा, अब जैसे मर्जी ...
Read moreDetailsदरश को आ रही हूँ माँ, मेरी अरदास सुन लेना। दोहा - सबको है मैया तूने, अपने गले लगाया है, ...
Read moreDetailsनजरे रही है तुम्ही को निहार, दरश दोगे कब मुझको हे लखदातार, यूँ होता नहीं मुझसे अब इंतजार, दरश दोगे ...
Read moreDetailsमझधार फसी नैया, बड़ी दूर किनारा है, एक तू ही आसरा, हारे का सहारा है, सांवरे एक तू ही तो ...
Read moreDetailsसंतो री महिमा, कहाँ लग करू रे बड़ाई। दोहा - शरणे आये री विनती, प्रभु रखिये मेरी लाज, संता सोरो ...
Read moreDetailsमेरा सतगुरु दीनदयाल, चुंदड़ी ने रंग दीनी, आतो ओढ़ सुहागण सुरता नार, ओढ़ निर्मल कीनी, मेरा सतगुरु दींनदयाल, चुंदड़ी ने ...
Read moreDetailsसाधो भाई अपणी आप लखेलो, अपणी बात आप ही जाणे, ना घटे ना बधेलो, ना कोई बंध मुक्त का फंदा, ...
Read moreDetailsआतम आप सकल में रमता, ना वे जन्मे ना वे मरता। दोहा - देह मरे तू अमर है, पार ब्रह्म ...
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