बैठी हो माँ सामने कर सोलह श्रृंगार भजन लिरिक्स
बैठी हो माँ सामने, कर सोलह श्रृंगार, तू करुणा की है मूरत, और ममता का भण्डार, बैठी हो मां सामने, ...
Read moreDetailsबैठी हो माँ सामने, कर सोलह श्रृंगार, तू करुणा की है मूरत, और ममता का भण्डार, बैठी हो मां सामने, ...
Read moreDetailsभर दे सभी की झोली, मेहंदीपुर वाले बाला, बिगड़ी बनेगी तेरी, बिगड़ी बनेगी तेरी, बनके सवाली आजा, भर दें सभी ...
Read moreDetailsअइंया आंख ना दिखाओ, थाने पाप लागे, थारे सेठ जी रो सेठ, म्हारो बाप लागे।। मिनख जमारो, दोरो पायो, जग ...
Read moreDetailsमैया री मैया शारदे तोहे, लाल रंग की चुनरिया सोहे।। मस्तक मुकुट बाल घुंघराले, माथे बिन्दिया सोहे, मैया री मैया ...
Read moreDetailsसांवरिया मोरी नैया तरा दे, नैया तरा दे पार लगादे।। नंद नाई सदन कसाई, भई मस्तानी मीरा बाईं, ऐसा ही ...
Read moreDetailsतुम बिन हमारी विपदा, माँ कौन आके टारे, नैया भंवर पड़ी है, कर दो जरा किनारे।। निर्धन को मिली माया, ...
Read moreDetailsतेरी तेल की ज्योत जगादी, काली आवैगी के ना।। तर्ज - यशोदा कृष्ण ने समझा ले। सुंदर दरबार सजाया, मां ...
Read moreDetailsभजन करो थोड़ा थोड़ा, कि रोज दिना, भजन करों थोड़ा थोड़ा, कि रोज दिना।। अगले जनम का क्या है भरोसा, ...
Read moreDetailsसाडू गुजरी सपना में, करती देव से बाता।। साडू माता चली नगर से, हीरादासी लाल, पत्थर फूटा कमल उपन्या, देव ...
Read moreDetailsबाबा फागण के लिए, कर राखी तैयारी है, झोली भर ली रंग से, हाथां में पिचकारी है, सारी दुनिया के ...
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