जंगल विच भैरुनाथ थारो कुण कर गयो श्रृंगार लिरिक्स
जंगल विच भैरुनाथ, थारो कुण कर गयो श्रृंगार, कुण थारे काजल लगायो, कूण लायो प्रसाद, थारे माली पाना चम-चम चमके, ...
Read moreDetailsजंगल विच भैरुनाथ, थारो कुण कर गयो श्रृंगार, कुण थारे काजल लगायो, कूण लायो प्रसाद, थारे माली पाना चम-चम चमके, ...
Read moreDetailsमाँ का दर्शन जिसने पाया, उसने पाया अमृत फल, जय माता की कहता चल, जय माता की कहता चल।। ऊँचें ...
Read moreDetailsतेरी हरदम करूँ जी हुजूरी माँ, करदे करदे मुरादे पूरी माँ, करदे करदे मुरादे पूरी माँ।। पूरी शक्कर चढाऊँ, नौ ...
Read moreDetailsरल्का महामाया का लागे रे, इंदरगढ़ का डूंगरा में बाजा बाजे रे, बाजा बाजे रेे बाजा बाजे रे, रल्का महामाया ...
Read moreDetailsओल्यू आप री आवे मारा सतगुरु, याद आपकी आवे जी, याद करू जद रेवो हिरदा में, पल पल याद सतावे ...
Read moreDetailsबूटी ले आओ हनुमान प्यारे, मेरे लक्ष्मण के प्राण बचाना, डूबती तेरे राम की नैया, बाला तू आके पार लगाना, ...
Read moreDetailsमेरे खाटू वाले श्याम की कृपा से, हर बिगड़ा काम संवरता है, मैं खाली हाथ ही जाता हूँ, वो झोलियाँ ...
Read moreDetailsजिस दिन साँवरे से, बात नहीं होती, कटता नहीं दिन, रात नहीं होती, लगता नहीं है दिल, श्याम के बिना, ...
Read moreDetailsबाबा श्याम मेरे, ओ बाबा श्याम मेरें, तू है तो दुनिया कितनी हंसी है, जो तू नहीं तो कुछ भी ...
Read moreDetailsतू खाटू का राजा, मैं तेरे दर का भिखारी, ओ मुरली वाले श्याम, तेरी महिमा है न्यारी, तू खाटु का ...
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