शीश गंग अर्धंग पार्वती सदा विराजत कैलासी स्तुति लिरिक्स

शीश गंग अर्धंग पार्वती, सदा विराजत कैलासी, नंदी भृंगी नृत्य करत है, धरत ध्यान सुर सुखरासी।। शीतल मन्द सुगन्ध पवन, ...

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