भरा सत्संग का दरिया नहालो जिसका जी चाहे भजन लिरिक्स
भरा सत्संग का दरिया, नहालो जिसका जी चाहे।। दोहा - एक घड़ी आधी घड़ी, आधी में पुनिआध, तुलसी सत्संग साध ...
Read moreDetailsभरा सत्संग का दरिया, नहालो जिसका जी चाहे।। दोहा - एक घड़ी आधी घड़ी, आधी में पुनिआध, तुलसी सत्संग साध ...
Read moreDetailsसालासर वाले तुम्हें, आज हम मनाएंगे, महिमा तेरी गाएंगे, तुझको रिझाएंगे, सालासर वाले तुम्हे, आज हम मनाएंगे।। तर्ज - तुम ...
Read moreDetailsजिस दिन कन्हैया तेरा दर्शन होगा, उस दिन सफल मेरा जीवन होगा, तन मन मेरा तुझको अर्पण होगा, तन मन ...
Read moreDetailsमन मेरा बन गया है मोर, मैं तो नाचूँगी, मेरे दिल में उठे हिलोर, मैं तो नाचूँगी, मन मेरा बन ...
Read moreDetailsसांवरा बागो बणायो, थारो चाव से, पहरो पहरो जी, पहरो पहरो जी, निरखाला थाने श्याम सांवरा, बागो बणायो घने चाव ...
Read moreDetailsमेरा कस के पकड़ लो हाथ, छुड़ाऊं तो छुड़ाया नही जाए।। जब तक ये जीवन मेरा, श्याम ना बदले, बदलने ...
Read moreDetailsचार पहिया रो रथडो बनायो, रथड़ा रा पहिया निकल जासी, धीरे धीरे हाँको थारा रथड़ा ने, गोकुल रा वासी रे ...
Read moreDetailsहरि जी म्हारी आई अर्ज सुण लिज्यो, दोहा - संत मुक्ति का पोलिया, इनसे करिये प्यार, कुची उनके हाथ में, ...
Read moreDetailsजब कभी तुमको आवाज दूँ मैं, सांवरे तुमको आना पड़ेगा, है कसम तुमको हरपल में हाँ, साथ मेरा निभाना पड़ेगा, ...
Read moreDetailsराम नाम का सुमिरन करले, फेर प्रेम की माला रे, उसका दुश्मन क्या कर सकता, जिसका राम रुखाला रे।। हिरणाकुश ...
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