जिवड़ो मारो सतगुरु भेंट दियो सिद्धनाथ जी भजन
जिवड़ो मारो सतगुरु भेंट दियो, जनम जनम को भुजयौडो दीपक, अड़ते ही जोत दियो।। ड़ांकण ड़ांक दियो भरम, माया जासू ...
Read moreDetailsजिवड़ो मारो सतगुरु भेंट दियो, जनम जनम को भुजयौडो दीपक, अड़ते ही जोत दियो।। ड़ांकण ड़ांक दियो भरम, माया जासू ...
Read moreDetailsसंकट जब हम पर आए तो, शिव शंभू तुम आ जाना, हम दुखियारो की ऐ भोले, आकर लाज बचा जाना।। ...
Read moreDetailsआंख्या का पट खोल सांवरा, दोहा - टाबरिया सु सांवरा, लियो क्यों मोह हटाय, थारो ही म्हाने आसरो, म्हाने तू ...
Read moreDetailsअंजनी के लाल, पवन पुत्र हनुमान, करूँ तेरी महिमा, का बखान रे, अँजनी के लाल, पवन पुत्र हनुमान, हो जी ...
Read moreDetailsकिसी भाव से तुम, शरण में तो आओ, मन से कुसुम से, हरि नाम गाओ, किसीं भाव से तुम।। क्या ...
Read moreDetailsहे शिव भोले भंडारी, मैं आया शरण तिहारी, हे शिव भोलें भंडारी, मैं आया शरण तिहारी।। बाघम्बर तेरे अंग पर ...
Read moreDetailsदास तुम्हारा तरस रहा है, दर्शन दो अब श्याम, तुम सब जानते हाल मेरा, दर्शन दो घनश्याम, दास तुम्हारा तरस ...
Read moreDetailsसुनले वृषभानु किशोरी, जो मोते ना खेली होरी, तेरी मेरी कट्टी है जाएगी, तू सुनले नन्दकिशोरी, जो मोते करि बरजोरी, ...
Read moreDetailsबरसो पाप किये है हमने, चुपके चोरी चोरी, इतने पापों को धोने में, वक्त तो लगता है, पावन और निर्मल ...
Read moreDetailsखातिर करले नई गुजरिया, रसिया ठाड़ौ तेरे द्वार।। ये रसिया तेरे नित न आवे, प्रेम होय जब दर्शन पावे, अधरामृत ...
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