जहाँ जिनकी जटाओं में गंगा की बहती अविरल धारा लिरिक्स

जहाँ जिनकी जटाओं में गंगा की, बहती अविरल धारा, अभिनन्दन उन्हें हमारा, अभिनन्दन उन्हें हमारा, जिनके त्रिनेत्र ने कामदेव को, ...

Read moreDetails
Page 568 of 1627 1 567 568 569 1,627
error: कृपया प्ले स्टोर या एप्प स्टोर से भजन डायरी एप्प इंस्टाल करे