प्रगटी सिया सुखदैया जनकपुर में बाजे बधैया लिरिक्स
प्रगटी सिया सुखदैया, जनकपुर में बाजे बधैया, बाजे बधैया आज बाजे बधैया, प्रकटी सिया सुखदैया, जनकपुर में बाजे बधैया।bd। prakati ...
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Read moreDetailsराम सिया के काज सँवारे बजरंगी, तेरी जय जग करता है, जलाई तुमने लंका, बजा कर राम का डंका, जला ...
Read moreDetailsजिसने तेरे दर पे शीश झुकाया, उसको तूने अपने गले लगाया, क्या क्या तूने उसको नहीं दिया है, जिसने भी ...
Read moreDetailsआये नहीं घनश्याम, जो साड़ी सर से सरकी, सर की सरकी पाँचो वर की, आस लगी है मोहे गिरधर की, ...
Read moreDetailsजबसे मैया जी तेरा द्वार मिला, खिला खिला खिला मेरा मन खिला, चरणों का तेरे मैंने अमृत पिया, जब से ...
Read moreDetailsबालाजी मुझे अपने, दर पे बुलाना, दर्शन से नैनो की, प्यास बुझाना, बालाजी मुझे अपना, दर्शन दिखाना, बालाजी मुझें अपने, ...
Read moreDetailsजबसे हुई है, तेरी मेहरबानी, तुमने बदल दी ये दुनिया, बदली ज़िंदगानी।। तेरी कृपा के साये में रहकर, रहती ना ...
Read moreDetailsचलो वैष्णव माता के द्वार, वहाँ मिलता है माँ का प्यार, जमाना बोलता है, जमाना बोलता है, इन्हें पूजे सारा ...
Read moreDetailsभस्म तेरे तन की, बन जाऊं भोलेनाथ, भक्ति में तेरी, रम जाऊं भोलेनाथ, शाम सुबह गुण तेरा, गाऊं भोलेनाथ, भक्ति ...
Read moreDetailsगुरु ज्ञान की ज्योति हमारी, वो ही ज्योत जलाता हूँ, गुरु की किरपा कैसे होती, मैं वो आज सुनाता हूँ।bd। ...
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