कावड़िया ले चल गंग की धार भजन लिरिक्स
कावड़िया ले चल गंग की धार, दोहा - भस्म रमाए बैठे है शंकर, सज धज के दरबार, कावड़िया ले आओ ...
Read moreDetailsकावड़िया ले चल गंग की धार, दोहा - भस्म रमाए बैठे है शंकर, सज धज के दरबार, कावड़िया ले आओ ...
Read moreDetailsथारी जोत जगे घर घर में, सुबह शाम बालाजी, सारी दुनिया में गूंज रह्यो है, थारो नाम बालाजी, सारी दुनिया ...
Read moreDetailsओ बाबा थाने काई काई भावे, बोलो काई भोग लगावा, काई थाने माखन मिश्री भावे, या केसरियो दूध बनावा।। खाटू ...
Read moreDetailsजग में मिठो बोल भाईडा, सबसे मिठो बोल रे, धरती पर थोङो, जीवनो पंछिङा रे।। देखे - हंस हंस मिठो ...
Read moreDetailsचाहे सुबह हो या शाम, जुबा पर लेना एक ही नाम, राम राम राम, श्याम श्याम श्याम।। कीर्तन उसी का ...
Read moreDetailsसारी दुनिया का काम यो बनावे, दोनों हाथां से यो भर भर लुटावे, दुनिया से मैं जाके के माँगा के ...
Read moreDetailsभोले की किरपा, जिस पर भी रहती है, उसके घर में सुख की, गंगा बहती है, पूछ लो चाहे जाके, ...
Read moreDetailsऐ मेरे श्याम इनायत कर दे, अपनी करुणा से, मुझ गरीब की झोली भर दे, मैंने दुःख दर्द उठाए है ...
Read moreDetailsमेरी अखियाँ तरस रही, भोले का दीदार पाने को, मैं भगत दीवाना तेरा, दिखा दूंगा ज़माने को, मेरी अँखियाँ तरस ...
Read moreDetailsआज के दिवस की मैं जाऊं बलिहारा, मेरे घर आया राजा राम जी का प्यारा, मेरें घर आया राजा राम ...
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