धन्य हुई सांवेर की धरती जहाँ लगे दरबार तुम्हारा लिरिक्स
उल्टे है हनुमान जहाँ, चोला सिंदूरी धारा, धन्य हुई सांवेर की धरती, जहाँ लगे दरबार तुम्हारा।। त्रेता मे लाँगूर यहीं, ...
Read moreDetailsउल्टे है हनुमान जहाँ, चोला सिंदूरी धारा, धन्य हुई सांवेर की धरती, जहाँ लगे दरबार तुम्हारा।। त्रेता मे लाँगूर यहीं, ...
Read moreDetailsभोले बाबा ने पकड़ा हाथ, की रहता हर पल मेरे साथ, अकेला मत समझो, अकेला मत समझो।। तर्ज - मेरे ...
Read moreDetailsश्याम कुंड भक्तो का झुंड, करके नहान धर श्याम ध्यान, हम क्या करेंगे, भजन करेंगे भजन करेंगे, भजन करेंगे।bd। लेकर ...
Read moreDetailsसखी मेरा सांवरिया सरकार, भगत के कष्ट मिटाता है, कष्ट मिटाता है, श्याम दुःख दर्द मिटाता है, सखी मेरा मेरा ...
Read moreDetailsहमारे ठाकुर है गोविन्द राधे, ओ राधे भोरी भारी, गोविन्द सीधे साधे।bd। श्री राधा मम बाधा हरो, श्री कृष्ण करो ...
Read moreDetailsअंजनीसुत केसरी नंदन ने, श्री राम के कारज सारे है, सम्पूर्ण रामायण साक्षी है, पग पग पे संकट टारे है, ...
Read moreDetailsजग की नहीं जरुरत हम तो, श्याम कृपा में पलते है, आगे आगे खाटू वाला, आगे आगे खाटू वाला, हम ...
Read moreDetailsतुमने जो छोड़ा तो, किधर जाऊँगा, श्याम सर पे रख दो हाथ, मैं संवर जाऊँगा, मेरे सर पे रख दो ...
Read moreDetailsआईजी जगमग जागी, केसर वाली रे ज्योत, भगतो ने दर्शन देवजो, ओ मैया भगत आया, थोरोडे दरबार, भगतो री विनती ...
Read moreDetailsबाबा तुम जो मिल गए, दोहा - वो नाव कैसे चले, जिसका कोई खेवनहार ना हो, तेरा गुणगान कैसे करूँ, ...
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