कनक भवन दरवाजे पड़े रहो लिरिक्स
कनक भवन दरवाजे पड़े रहो, जहाँ सियारामजी विराजे पड़े रहो।। सुघर सोपान द्वार सुहावे, छटा मनोहर मोहे मन भावे, सुन्दर ...
Read moreDetailsकनक भवन दरवाजे पड़े रहो, जहाँ सियारामजी विराजे पड़े रहो।। सुघर सोपान द्वार सुहावे, छटा मनोहर मोहे मन भावे, सुन्दर ...
Read moreDetailsहे मंगल की मूल भवानी, शरणा तेरा है, शरणा तेरा है, शरणा तेरा है, आसरा तेरा है, माँ मंगल की ...
Read moreDetailsउन घर जाजे बैरन नींद, दोहा - कहे संत सगराम, अब भजन किस विध होय, गले पड़ी जण सुरडया, म्हारे ...
Read moreDetailsजननी माता का उपकार, भुलगया क्यूकर प्यारे हो।। जिसनै गर्भ नो मास तू राखया, जिसनै लाए कालजे कै राखया, अपने ...
Read moreDetailsतेरा खेता के में धाम, मेरी मैया मनसा रानी।। तेरा जग मैं धाम निराला, तनै सबका संकट टाला, तेरा झोली ...
Read moreDetailsदर दर भटके माथा टेके, ढूंढे क्या बावरिया, झाँक ले अपने मन मंदिर में, बैठा है सांवरिया।। तर्ज - नगरी ...
Read moreDetailsनमस्ते नाथ अविनाशी, तुम्हे मस्तक नवाते है, तुम्हारे ध्यान चिंतन में, सभी आनंद पाते है, नमस्तें नाथ अविनाशी, तुम्हे मस्तक ...
Read moreDetailsखाटू से आयो बाबा श्याम, देखो कीर्तन में, कीर्तन में देखो कीर्तन में, खाटू से आयों बाबा श्याम, देखो कीर्तन ...
Read moreDetailsवृंदावन के कृष्ण मुरारी, अब तो सुनलो अर्ज हमारी।। द्वार पे तेरे कबसे पड़ा हूँ, दोनों हाथ पसारे खड़ा हूँ, ...
Read moreDetailsजान तै प्यारी सै, बाबा तेरी तस्वीर।। मैं सेवक चरणों का दासा, तेरे दर्शन की सै अभिलाषा, दर्शन दो महावीर, ...
Read moreDetails© 2016-2026 Bhajan Diary