सत्संग में काई का घाटा ले लो वस्तु अपार
सत्संग में काई का घाटा, ले लो वस्तु अपार।। सतगुरु आया भेद विचारी, वांसे लेलो ओसत भारी, औसत लेके करो ...
Read moreDetailsसत्संग में काई का घाटा, ले लो वस्तु अपार।। सतगुरु आया भेद विचारी, वांसे लेलो ओसत भारी, औसत लेके करो ...
Read moreDetailsभोलेनाथ है औघड़दानी, बाबा डमरू वाले, बम मस्ती में गाले, बम बम बम मस्ती में गाले।। तर्ज - ऐसी मस्ती ...
Read moreDetailsश्याम तेरा मनमोहक मुखड़ा, उस पर नैन कमाल, वाह तेरा क्या कहना, वाह तेरा क्या कहना, सिर पे मुकुट ये ...
Read moreDetailsना भागता फिरता ना कूदता गिरता, ना ही किसी के संग खेल खेलता, सुन माता अंजना ध्यान से, तेरा लल्ला ...
Read moreDetailsमारी बाणी मारा सतगुरु जाणी, गोरख जी आया जिण दिन, पवना पाणी ओ जी।। अंड नहीं होता दाता पंड नहीं ...
Read moreDetailsतेरी कृपा में कमी नहीं है, मेरा भरोसा ही डगमगाए, तू साथी बनकर है चलने वाला, मुझे ही छाया नज़र ...
Read moreDetailsहोती तुझसे मेरी मुलाकात रहे, मेरे भोले सुबहो शाम मेरे साथ रहे।। जहाँ भी मैं देखूं तू आये मुझको नजर, ...
Read moreDetailsराजत सरयु तट रघुबीर, अनुज समेत दनुज बल भंजन, सस्मित मदन शरीर, राजत सरयु तट रघुवीर।। रूप शील सुख अयन ...
Read moreDetailsनाम ले रे नाम ले तू, नाम से तिरेलो, मिनख जमारो बन्दा, फेर न मिलेगो, नाम ले रे नाम ले, ...
Read moreDetailsसुर बीना पुगे नाय, मारग थक जाता, सुन में पुगें साध, भाग्यफल पाता है वो जी।। कण्ठ कवल के माई, ...
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