मंगल भवन अमंगल हारी चौपाई लिरिक्स
मंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी। राम सियाराम सियाराम, जय जय राम।। होइ है वही जो राम रच ...
Read moreDetailsमंगल भवन अमंगल हारी, द्रबहुसु दसरथ अजर बिहारी। राम सियाराम सियाराम, जय जय राम।। होइ है वही जो राम रच ...
Read moreDetailsआलू सिंह जी महाराज को, नमन बार बार, उनकी सेवा और भक्ति को, नमन बार बार।। श्याम बहादुरजी को वो, ...
Read moreDetailsलाडली किशोरी जू स्वामिनी हमारी, कर दो कृपा हे बरसाने वारी, शरण में आया मैं तो तिहारी, कर दो कृपा ...
Read moreDetailsबरसाने में बसा लो, मुझको हे श्यामा प्यारी, बरसाओ ऐसी करुणा, बरसाओ ऐसी करुणा, जब तक है जिंदगानी।। तर्ज - ...
Read moreDetailsसजा के कुमकुम माथे, ओढ़े चुनर आई है, शुभ स्वागत कर मिल सबने, जयकार लगाई है, हो जय जय शेरावाली, ...
Read moreDetailsखयालों में आकर जो तुम मुस्कुराए, कृपा है तुम्हारी जो तुम श्याम आए।। मैं कैसे बताऊं जो पल था सुनहरा, ...
Read moreDetailsरण में रजपूतों ने मत छेड़, हिलमिल परजा ओ हालिया, आया रावला माये रे, गोपीचंद राजा, वारी ओ बाईसा रा ...
Read moreDetailsसांवरिया अब तो ऑर्डर दे दे, गढ़ मंडफिया आबा को।। सब साथिडा मारा सांवरिया, थारे गढ मंडफिया मे आवे, हाथां ...
Read moreDetailsजे तू पियाजी रे लाडली, पिव अपना कर लीजे, कळा कल्पना मेट ने, चित चरनो में लीजे, जे तू पियाजी ...
Read moreDetailsदादा ने मानो रे भाई, भगता ने मानो रे भाई, कर विश्वास दादा ने मानों, मन इच्छा फल पाई।। खिराज ...
Read moreDetails© 2016-2026 Bhajan Diary