ऐ मेरे मन अभिमानी क्यो करता है नादानी
ऐ मेरे मन अभिमानी, क्यो करता है नादानी। तर्ज - ऐ मेरे वतन के लोगो। शेर- है तेरे भजन की बैरा, ...
Read moreDetailsऐ मेरे मन अभिमानी, क्यो करता है नादानी। तर्ज - ऐ मेरे वतन के लोगो। शेर- है तेरे भजन की बैरा, ...
Read moreDetailsमेरे मन तुम यह मत भूलो, हमे एक रोज जाना है, नही सुमिरन किया हरि का, तो चौरासी ही पाना ...
Read moreDetailsकई मर्तबा हम, मर चुके है ओ मन, मगर अब तो, आओ गुरू की शरण, मगर अब तो आओ, गुरू ...
Read moreDetailsभजले नाम गुरू का रे मनवा, बीत रही है स्वाँसा, रात गई सुबहा आएगी, आए न तेरी स्वाँसा।। तर्ज - ...
Read moreDetailsकर भले ही तू जगत में, प्राणी सब करम, छूटे ना भजन, कभी छूट ना भजन।। तर्ज - करवटे बदलते ...
Read moreDetailsहरि नाम सुमरले बन्दे, जीवन को सफल बनाले, कट जाएंगे सारे बँधन, गुरू चरणो मे मन को लगाले, हरि नाम ...
Read moreDetailsतेरी दो दिन की जिन्दगानी, प्राणी भजले नाम हरि का, है ये दुनिया आनी जानी, प्राणी भजले नाम हरि का, ...
Read moreDetailsबालाजी तेरे झंडे में, मात सीया और राम बसं, राधा के संग रास रचाते, मुरली वाले श्याम बसं।। एक कुण ...
Read moreDetailsबिना हे मर्द बेबे किसी हो लुगाई, बोलः कोनया चालः मेरी, नणदी का भाई।। सारी हाणांं घुरे जा स, बोलः ...
Read moreDetailsश्रीराम ते मन्नै मिलादे, हनुमान भरोसा तेरा स, हनुमान भरोसा तेरा स, श्रीराम ते मन्नै मिलादे, हनुमान भरोसा तेरा स।। ...
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