हिंडो घला दयो ओ सत्संग माई ने राजस्थानी भजन
हिंडो घला दयो ओ सत्संग माई ने, दोहा - सतगुरु के दरबार में, नर जाइए बारंबार, भूली वस्तु बताएं दी, ...
Read moreDetailsहिंडो घला दयो ओ सत्संग माई ने, दोहा - सतगुरु के दरबार में, नर जाइए बारंबार, भूली वस्तु बताएं दी, ...
Read moreDetailsहो हो बालाजी मेरा संकट काटो ने, हो इधर उधर न डोल रहया, मेरे दिल ने डाटो न, हो हो ...
Read moreDetailsहो आज्या अंजनी दुलारे, हो जोत जगाई तेरी।। सालासर में मंदिर तेरा, आऊँ तेरे द्वारे हो, लाल लंगोटा ले क ...
Read moreDetailsराम भजो सिया राम भजो रे, राम बिना नही रहना, मै नही कहता हूँ भाई, यह सँत ग्रँथ का कहना, ...
Read moreDetailsसोचो न हरि को भजलो, भजना है अभी से भजलो, श्री राधे कृष्णा को भजलो।। तर्ज - समझोता ग़मो से ...
Read moreDetailsचली आती हो माँ, भक्त़ो के लिए, मेरे कारण भी आना होगा।। कबसे देखूँ माँ रस्ता तुम्हारी, कब आओगी माँ ...
Read moreDetailsबस यही अरदास माँ, हर बार करता हूँ, मेरे घर भी आओ माँ, इँतजार करता हूँ।। तर्ज - बस यही ...
Read moreDetailsसोऐ को सँत जगाऐ, फिर नीँद न उसको आऐ, जो जाग के फिर सो जाऐ, उसे कोन जगाऐ, हो उसे ...
Read moreDetailsउमर जाती है रे प्राणी, जतन करले ओ अभिमानी, तजबीज कर कोई ऐसी, कि नैया पार हो जाऐ।। तर्ज - ...
Read moreDetailsचाहे राम कहो चाहे श्याम कहो, दोनों का मतलब एक ही है।। श्री राम के हाथ में धनुष बाण, और ...
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