माटी केडो मटको घड़ियों रे कुम्भार भजन लिरिक्स
माटी केडो मटको घड़ियों रे कुम्भार, दोहा- जेसे चुड़ी काच थी, वेसी नर की देह, जतन करीमा सु जावसी, हर ...
Read moreDetailsमाटी केडो मटको घड़ियों रे कुम्भार, दोहा- जेसे चुड़ी काच थी, वेसी नर की देह, जतन करीमा सु जावसी, हर ...
Read moreDetailsमूल महल में बसे गजानन, नित उठ दर्शन पाता। दोहा - सुंडाला दुःख भंजना, सदा निवाला वेश, सारो पहला सुमरिये, ...
Read moreDetailsकोयलिया बोली रे, अम्बुआ की डाल, अपनो कोई नहींआ रे, बिना राम रघुनंदन, अपना कोई नहींआ रे, बिना राम रघुनंदन, ...
Read moreDetailsग्यारस की ग्यारस हर बार, जाता हूँ मैं श्याम के द्वार, पर मुझको घर बैठे भी, ऐसा लगता है कई ...
Read moreDetailsआओ गजानन प्यारे, गिरिजा के दुलारे, आओ गजानन प्यारें, गिरिजा के दुलारे।। सब देवन में देव कहाए, पूजूँ चरण तुम्हारे, ...
Read moreDetailsबंसी बजावे नंदलाला, बंसी बजावे नंदलाला, गोपाला मेरो पहने फूलन की माला, बंसी बजावें नंद लाला, गोपाला मेरो पहने फूलन ...
Read moreDetailsआरती श्री बनवारी की, भागवत कृष्ण बिहारी की।। भागवत भगवत मंगल रूप, कथामय मंजुल मधुर अनूप, पितामह मुखरित प्रथम स्वरूप, ...
Read moreDetailsपोरा पाप रा आया, छुटा नेम धर्म सब डूबा, चउदिश कलजुग छाया संतो, पोरा पाप रा आया।। पेलो धर्म हिन्दु ...
Read moreDetailsइतने सेठ जहाँ में मौज उड़ाते हैं, उन्ही से पूछो कहाँ से लेकर आते हैं। तर्ज - दूल्हे का सेहरा ...
Read moreDetailsपपैया पियाजी री वाणी मत बोलो, दोहा - प्रीतम प्रीत लगाय के, तुम दूर देश मत जाओ, बसों हमारी नगरी ...
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