श्रध्दा सबूरी मन में रक्खो साई वचन अनमोल लिरिक्स
श्रध्दा सबूरी मन में रक्खो, साई वचन अनमोल, सबका मालिक एक है बंदे, ये ही जुबाँ से बोल।। तर्ज - ...
Read moreDetailsश्रध्दा सबूरी मन में रक्खो, साई वचन अनमोल, सबका मालिक एक है बंदे, ये ही जुबाँ से बोल।। तर्ज - ...
Read moreDetailsसगराम दासजी महाराज की कुंडलीया, दोहा - भक्त बीज पलटे नही, और जो जुग जाये अनंत, ऊंच नीच घर अवतरे, ...
Read moreDetailsश्याम अगर जो तुम ना निभाते, दर्द दिलो के सह नहीं पाते, श्याम अगर जो तुम ना निभाते, बाबा अगर ...
Read moreDetailsबाबा तेरे चरणों में, जीवन ये गुजर जाए, जिस और भी मैं देखूं, मुझे तू ही नजर आए, बाबा तेरें ...
Read moreDetailsतुमसे मिलने की आस बाकी है, मेरी आँखों की प्यास बाकी है, मेरे बांके की बांकी अदाओं की, मेरे बांके ...
Read moreDetailsमेरा सांवरियाँ है मेरी जिंदगी, करता मैं रहूँ, यूँ तेरी बन्दगी, जनमों जनम मिले दर ये तेरा, जनमों जनम मिले ...
Read moreDetailsतेरी हर मुश्किल आसान, मिले जब गुरु से ज्ञान, तेरा गुरु ही है भगवान, तू करके गुरु का ध्यान।। फैला ...
Read moreDetailsअंग अंग में गौ माता के, सब देवों का धाम है, गौ माता के श्री चरणों में, बारम्बार प्रणाम है।। ...
Read moreDetailsबाबा रो मनडो मोयो रे, आ भीलनी रंगीली।। गेर गुमालो पेर घागरो, ओडन अम्बवा साडी, गेर गुमालो पेर घागरो, ओडन ...
Read moreDetailsगुरासा म्हाने ग्यान बतायो रे, ए जग झूठ लखायो रे, गुरासा माने ग्यान बतायो रे, जग झूठ लखायो रे, ए ...
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