रघुपति राघव राजा राम,
पतित पावन सीता राम,
मन झूम उठा लागी है लगन,
पधारे मेरे रघुनन्दन,
मन झूम उठा लागी है लगन।।
बरसो बाद ये शुभ दिन आया,
शुभ दिन आया ये शुभ दिन आया,
शुभ दिन आया,
सीता हनुमत है साथ लखन,
पधारें मेरे रघुनन्दन।।
राम का होगा राज जगत में,
राज जगत में हां राज जगत में,
राज जगत में,
बाट देख रहे थे ये नयन,
पधारें मेरे रघुनन्दन।।
सरस्वती माँ वीणा बजाए,
वीणा बजाए माँ वीणा बजाए,
वीणा बजाए,
वीणा बजे माँ का राग यमन,
पधारें मेरे रघुनन्दन।।
हाथ में डमरू पांव में घुंघरू,
पांव में घुंघरू हाथ में डमरू,
बांध के घुंघरू,
शिव नाच रहे मस्त मगन,
पधारें मेरे रघुनन्दन।।
देवी देवता नाच रहे है,
नाच रहे हैं झूम रहे हैं,
नाच रहे है,
धरती चांद सितारे ये गगन,
पधारें मेरे रघुनन्दन।।
अहोभाग्य है हम दीनों के,
हम दीनों के हां हम दीनों के,
हम दीनों के,
हुए दीपांशु जो हरि दर्शन,
पधारें मेरे रघुनन्दन।।
रघुपति राघव राजा राम,
पतित पावन सीता राम,
मन झूम उठा लागी है लगन,
पधारे मेरे रघुनन्दन,
मन झूम उठा लागी है लगन।।
Singer / Lyrics / Composer – Master Deepanshu








