ओम जय धन्वंतरि देवा आरती लिरिक्स

ओम जय धन्वंतरि देवा,
स्वामी जय धन्वंतरि देवा,
जरा रोग से पीड़ित,
जन जन सुख देवा,
ॐ जय धन्वंतरि देवा।।



तुम समुद्र से निकले,

अमृत कलश लिए,
देवासुर के संकट,
आकर दूर किए।
ॐ जय धन्वंतरि देवा।।



आयुर्वेद बनाया,

जग में फैलाया,
सदा स्वस्थ रहने का,
साधन बतलाया।
ॐ जय धन्वंतरि देवा।।



भुजा चार अति सुंदर,

शंख सुधा धारी,
आयुर्वेद वनस्पति,
से शोभा भारी।
ॐ जय धन्वंतरि देवा।।



तुम को जो नित ध्यावे,

रोग नहीं आवे,
असाध्य रोग भी उसका,
निश्चय मिट जावे।
ॐ जय धन्वंतरि देवा।।



हाथ जोड़कर प्रभु जी,

दास खड़ा तेरा,
वैद्य-समाज तुम्हारे,
चरणों का घेरा।
ॐ जय धन्वंतरि देवा।।



धन्वंतरि जी की आरती,

जो कोई नर गावे,
रोग-शोक ना आवे,
सुख-समृद्धि पावे।
ॐ जय धन्वंतरि देवा।।



ओम जय धन्वंतरि देवा,

स्वामी जय धन्वंतरि देवा,
जरा रोग से पीड़ित,
जन जन सुख देवा,
ॐ जय धन्वंतरि देवा।।

Singer – Priyanka Vashishtha


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें