ओ मावड़ी थारे रूप की शोभा न्यारी भजन लिरिक्स

ओ मावड़ी थारे,
रूप की शोभा न्यारी,
थारे नैनो की ज्योति निराली,
म्हारी मावड़ी।।

तर्ज – बन्ना रे बागा में।



ओ मावड़ी थारी,

सत की महिमा न्यारी,
सतियों में महासती राणी,
म्हारी मावड़ी।।



ओ मावड़ी थारा,

जग में डंका बाजे,
सारी सृष्टि में थारो उजियारो,
म्हारी मावड़ी।।



ओ मावड़ी थारे,

राहों में फूल बिछावा,
पलकों पे थाने बिठावा,
म्हारी मावड़ी।।



‘रेनू बबिता’ थारा ही गुण गांवा,

थारी सेवा में जनम बितावा,
म्हारी मावड़ी।।



ओ मावड़ी थारे,

रूप की शोभा न्यारी,
थारे नैनो की ज्योति निराली,
म्हारी मावड़ी।।

Singer – Babita Vishwas


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