निमडली री छाया में भेरूजी हिंडो गालयो लिरिक्स

निमडली री छाया में,
भेरूजी हिंडो गालयो,
हिन्दा देवे चौसठ जोगणिया,
भेरू मचोला लेवे,
लिमडली री छाया मे।।



थावर ने दितवार बावजी,

गणा जातरी आवे,
थारे गणा जातरी आवे,
अगरबती नारियल प्रसादी,
थारे चरणा में लावे,
लिमडली री छाया मे।।



दूर देशा रा आवे जातरी,

अरे पैदल पैदल आवे,
पगा उगांड़ा आवे,
लिमडली री छाया मे।।



मंदिरिया री शोभा न्यारी,

मूरत लगे प्यारी,
साचा मन सु जो कोई ध्यावे,
मन री मुरादा पावे,
लिमडली री छाया मे।।



भेरू दुखिया सुखिया सगळा आवे,

ओ भेरूजी रा लाड़ लड़ावे,
मनड़ा बात सुनावे,
थारे चरणे शीश जुकावे,
लिमडली री छाया मे।।



निमडली री छाया में,

भेरूजी हिंडो गालयो,
हिन्दा देवे चौसठ जोगणिया,
भेरू मचोला लेवे,
लिमडली री छाया मे।।

गायक – सुरेश गहलोत।
प्रेषक – सुभाष चंद्र शर्मा भट्टकोटड़ी।
9983719750


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