नाभि नदंन नाथ केशरिया,
करे श्रंगार तेरा सवेरे सवेरे,
अभिषेक करके,
केशर फूल पूजा,
अंगिया रचाये सवेरे सवेरे।।
धूप पूजा करके कुमति को टाले,
दीपक पूजा से दिव्य ज्योत जगाले,
दर्शन ज्ञान चरित्र सिद्धशिला से,
करे अक्षत पूजा सवेरे सवेरे।।
छप्पन भोग बनाकर नैवेध चढ़ाये,
फल पूजा से मोक्ष फल हम पाये,
अष्ठ प्रकारी पूजा करेगे प्रभु की आओ,
हम सब मिलकर सवेरे सवेरे।।
श्रंगार तेरा मेरे मन को लुभाता है,
नेनो के रास्ते तू दिल मे समाता है,
नरसा यु कहता “दिलबर”,
करो प्रभु दर्शन सवेरे सवेरे।।
नाभि नदंन नाथ केशरिया,
करे श्रंगार तेरा सवेरे सवेरे,
अभिषेक करके,
केशर फूल पूजा,
अंगिया रचाये सवेरे सवेरे।।
गायक – श्री शशांक सिंह देहरादून।
रचनाकार – दिलीप सिंह सिसोदिया ‘दिलबर’
नागदा जक्शन म.प्र.
मो. 9907023365
प्रेषक – नरसा दिल से।








