मारी जरणी ज्वाला जगदम्बा भगता रे वेले आवो माँ

मारी जरणी ज्वाला जगदम्बा,
ए मारी जरणी ज्वाला जगदम्बा,
भगता रे वेले आवो माँ,
संतो रे वेले आवो माँ।।



अरे थेतो हंसवाहिनी आप मारी माँ,

थेतो हंसवाहिनी आप मारी माँ,
भगतो ने दर्श दिखाजो ए,
भगतो ने दर्श दिखाजो माँ,
म्हारी जरणी ज्वाला जगदम्बा,
भगता रे वेले आवो माँ,
संतो रे वेले आवो माँ।।



थे स्वरूपगंज बिराजे मारी माँ,

थे स्वरूपगंज बिराजे मारी माँ,
एक बार मारे आंगन आजो ए,
एक बार आंगन आजो मारी माँ,
म्हारी जरणी ज्वाला जगदम्बा,
भगता रे वेले आवो माँ,
संतो रे वेले आवो माँ।।



ए थारे घिरत मिठाया लाया मारी माँ,

थारे घिरत मिठाया लाया मारी माँ,
नित नित भोग लगाजो माँ,
नित नित भोग लगाजो माँ,
म्हारी जरणी ज्वाला जगदम्बा,
भगता रे वेले आवो माँ,
संतो रे वेले आवो माँ।।



ए थारे सिर पर चुनडी लायो मारी माँ,

थारे सिर पर चुनडी लायो मारी माँ,
जिन मायने तारा जाडाया ए,
जिन माय तारा जडाया ए,
म्हारी जरणी ज्वाला जगदम्बा,
भगता रे वेले आवो माँ,
संतो रे वेले आवो माँ।।



थारो जुगल किशोर गुण गावे मारी माँ,

थारो जुगल किशोर गुण गावे मारी माँ,
भगतो ने दर्शन देवो माँ,
भगतो ने दर्शन देवो मारी माँ,
म्हारी जरणी ज्वाला जगदम्बा,
भगता रे वेले आवो माँ,
संतो रे वेले आवो माँ।।



मारी जरणी ज्वाला जगदम्बा,

ए म्हारी जरणी ज्वाला जगदम्बा,
भगता रे वेले आवो माँ,
संतो रे वेले आवो माँ।।

गायक – शंकर टाक जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी
9640557818


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