म्हारा मन सतगुरु दरश दिखावे भजन लिरिक्स

प्राण पड़े म्हारी काया धुजे,
नैना मे नींद नही आवे रे,
म्हारा मन सतगुरु दरश दिखावे,
म्हारा मन सतगुरु दर्श दिखावे।।



खान पान म्हाने फिका लागे,

जीवडो म्हारो कुलमावे,
खान पान म्हाने फिका लागे,
जीवडो म्हारो कुलमावे,
जद सतगुरु जी दर्श दिखावे,
जद सतगुरु जी दर्श दिखावे,
मन री प्यास बुझावे रे,
म्हारा मन सतगुरु दर्श दिखावे।।



तन मन धन करूँ निच्छावर,

फूलां री सेज बिछावु,
तन मन धन करूँ निच्छावर,
फूलां री सेज बिछावु,
भाव प्रीत रा तकिया लगावु,
भाव प्रीत रा तकिया लगावु,
प्रेम रा चंवर ढोलावु रे,
म्हारा मन सतगुरु दर्श दिखावे।।



सतगुरु आवे ज्यारा दर्शन पावु,

मोतीया रो चौक पुरावु,
सतगुरु आवे ज्यारा दर्शन पावु,
मोतीडो रो चौक पुरावु,
ले गंगाजल चरण पथावु,
ले गंगाजल चरण पथावु,
हरख हरख गुण गावु रे,
म्हारा मन सतगुरु दर्श दिखावे।।



जन्म मरण रा बंधन तोडे,

सतगुरु आंगन आवे,
जन्म मरण रा बंधन तोडे,
सतगुरु आंगन आवे,
दे छिनकारी अमर किना म्हाने,
दे छिनकारी अमर किदा म्हाने,
नाथ गोरख जश गावे रे,
म्हारा मन सतगुरु दर्श दिखावे।।



प्राण पड़े म्हारी काया धुजे,

नैना मे नींद नही आवे रे,
म्हारा मन सतगुरु दरश दिखावे,
म्हारा मन सतगुरु दर्श दिखावे।।

गायक – प्रकाश माली जी।
प्रेषक – मनीष सीरवी।
(रायपुर जिला पाली राजस्थान)
9640557818


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