मेरी पत राखो लीले के असवार भजन लिरिक्स

हाथ जोड़ कर करूँ मैं विनती,
सांवरिया सरकार,
मेरी पत राखो लीले के असवार,
मेरी पत राखों लीले के असवार।।

तर्ज – बार बार तोहे क्या समझाए।



भक्त थारे दरबार भतेरा आवे है,

पूरी करद्यो थासु आस लगावे है,
मिल जाए थारो साथ जो बाबा,
मिल जाए थारो साथ जो बाबा,
नैया होसी पार,
मेरी पत राखों लीले के असवार।।



नदिया का भी होवे श्याम किनारा दो,

थे ही मेरा साथी एक सहारा हो,
थारी कृपा के बिन सांवरिया,
थारी कृपा के बिन सांवरिया,
टाबर है लाचार,
मेरी पत राखों लीले के असवार।।



थारो ही गुणगान कर्म मैं जाणा हाँ,

थाने ही सर्वस्व सांवरा माना हाँ,
‘सचिन’ बणाल्यो म्हाने बाबा,
‘सचिन’ बणाल्यो म्हाने बाबा,
थारो सेवादार,
मेरी पत राखों लीले के असवार।।



हाथ जोड़ कर करूँ मैं विनती,

सांवरिया सरकार,
मेरी पत राखो लीले के असवार,
मेरी पत राखों लीले के असवार।।

Singer – Sanjay Pareek Ji


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