मेरा छोटा सा संसार हरी आ जाओ एक बार भजन लिरिक्स

मेरा छोटा सा संसार हरी आ जाओ एक बार भजन लिरिक्स

मेरा छोटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार,
हरी आ जाओ, हरी आ जाओ,
मेरी नैया पार लगा जाओ,
मेरी बिगड़ी आ के बना जाओ,
मेरा छोंटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार।।



लाखो को दरश दिखाया है,

प्रभु मुझको क्यों तरसाया है,
ये कैसी तुम्हारी माया है,
नित बहती है असुवन धार,
नित बहती है असुवन धार,
हरी आ जाओ एक बार,
मेरा छोंटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार।।



जब याद तुम्हारी आती है,

तन मन की सुध बिसराती है,
रह रह के मुझे तड़पाती है,
तन मन धन दूँ सब वार,
तन मन धन दूँ सब वार,
हरी आ जाओ एक बार,
मेरा छोंटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार।।



मुझको बिछड़े युग बीत गए,

क्यों रूठ प्रभु मेरे मीत गए,
मैं हार गया तुम जीत गए,
अब दर्शन दो साकार,
अब दर्शन दो साकार,
हरी आ जाओ एक बार,
मेरा छोंटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार।।



मेरा छोटा सा संसार,

हरी आ जाओ एक बार,
हरी आ जाओ, हरी आ जाओ,
मेरी नैया पार लगा जाओ,
मेरी बिगड़ी आ के बना जाओ,
मेरा छोंटा सा संसार,
हरी आ जाओ एक बार।।

स्वर – मृदुल कृष्ण जी शास्त्री।


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