मतलब की इस दुनिया से मुझको नफरत है भजन लिरिक्स

मतलब की इस दुनिया से मुझको नफरत है भजन लिरिक्स

मतलब की इस दुनिया से,
मुझको नफरत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है।।



कैसे कैसे काम किए तूने मेरे बाबा,

मैं ही तो बस जानू ये,
तेरे सिवा दुनिया में कोई ना हमारा,
मैं ही तो बस जानू ये,
खाटू वाले श्याम धणी से,
मुझको मोहब्बत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है।।



रींगस से खाटू जो निशान लेके आया,

किस्मत जगा दी तूने,
निर्बल को बल मिला निर्धन को धन मिला,
बिगड़ी बना दी तूने,
तू ही मेरी पूंजी बाबा,
तू मेरी दौलत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है।।



हारे का सहारा कहलाता सांवरिया,

मुझको सहारा दे दो,
नईया मेरी बाबा डूबने लगी है,
इसको किनारा दे दो,
यूँ सारी दुनिया में चलती बाबा,
तेरी हुकूमत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है।।



हर घड़ी हर पल नाम जपूँ तेरा,

ऐसी कृपा कर दो,
गाये भजन ‘मित्तल’ होके दीवाना,
झोली मेरी भर दो,
बड़े दिनों के बाद मिलने का,
आया महूरत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है।।



मतलब की इस दुनिया से,

मुझको नफरत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है,
ओ सांवरे मुझे तेरी जरुरत है।।

गायक – कन्हैया मित्तल जी।


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