माता अम्बे मेरी माँ जगदम्बे मेरी आरती लिरिक्स

माता अम्बे मेरी,
माँ जगदम्बे मेरी,
आरती उतारे आज,
हम सब तेरी।।

देखे – ॐ जय अम्बे गौरी।



पान सुपारी ध्वजा नारियल,

तेरी भेंट चढ़ाये,
मैया तेरी भेंट चढ़ाये,
लाल चोला तेरे अंग विराजे,
केसर तिलक लगाए,
माता अम्बें मेरी,
माँ जगदम्बे मेरी,
आरती उतारे आज,
हम सब तेरी।।



ब्रम्हा वेद पड़े तेरे द्वारे,

शंकर ध्यान लगावे,
मैया शंकर ध्यान लगावे,
ब्रम्हाणी रुद्राणी तेरी,
महिमा हम सब गावे,
माता अम्बें मेरी,
माँ जगदम्बे मेरी,
आरती उतारे आज,
हम सब तेरी।।



उज्वल से दो नैनन में तेरे,

तीनो लोक समाये,
मैया तीनो लोक समाये,
सतयुग रूप शील अति सुन्दर,
नाम सती कहलाये,
माता अम्बें मेरी,
माँ जगदम्बे मेरी,
आरती उतारे आज,
हम सब तेरी।।



माता अम्बे मेरी,

माँ जगदम्बे मेरी,
आरती उतारे आज,
हम सब तेरी।।

स्वर – अनुराधा जी पौडवाल।


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