महाराज गजानन जी पधारो म्हारे कीर्तन में भजन लिरिक्स

महाराज गजानन जी पधारो म्हारे कीर्तन में भजन लिरिक्स

महाराज गजानन जी,
पधारो म्हारे कीर्तन में।

तर्ज – गोकुल के बिच बाजार।

दोहा – प्रथम संदेशो आपने,
हे गणनायक महाराज,
रिद्धि सिद्धि ने संग लेकर आओ,
पुरण कर दो काज।



महाराज गजानन जी,

पधारो म्हारे कीर्तन में,
कीर्तन में ओ देवा कीर्तन में,
कीर्तन में ओ देवा कीर्तन में,
महाराज गजानन्द जी,
पधारो म्हारे कीर्तन में।।



सब देवो में सबसे पहले,

पूजा होवे थारी,
सबके पूरण काज बनाते,
विघ्न मिटाते भारी,
संग रिद्धि सिद्धि ल्यावो जी,
पधारो म्हारे कीर्तन में,
महाराज गजानन्द जी,
पधारो म्हारे कीर्तन में।।



देवो के सिरमौर विनायक,

बाट उड़िका थारी,
आन पधारो हे गणनायक,
कीर्तन की है तैयारी,
संग सुमति भी ल्यावो जी,
पधारो म्हारे कीर्तन में,
महाराज गजानन्द जी,
पधारो म्हारे कीर्तन में।।



शंकर सुवन गौरा के नंदन,

भक्त तेरा गुण गावे,
ज्ञान भक्ति की ज्योत जलकर,
कीर्तन में है बुलावे,
‘विष्णु’ पर मेहर करो,
पधारो म्हारे कीर्तन में,
महाराज गजानन्द जी,
पधारो म्हारे कीर्तन में।।



महाराज गजानन जी,
पधारो म्हारे कीर्तन में,
कीर्तन में ओ देवा कीर्तन में,
कीर्तन में ओ देवा कीर्तन में,
महाराज गजानन्द जी,
पधारो म्हारे कीर्तन में।।


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