कोरोना को रोग आयो रे बाबा कोरोना सू म्हानै बचाज्यो

कोरोना को रोग आयो रे बाबा,

दोहा – रामा मोरी राखियो,
अब डोरी तेरे हाथ,
2020-21 माईने,
भगता कि राखज्यो थे लाज।
2020-21 माईने,
कोरोना को रोग पडग्यो भारी,
ई कलजुग बीच माईने,
अवतार लिज्यो 100 बारी।



कोरोना को रोग आयो रे बाबा,

कोरोना को रोग आयो,
कोरोना सू म्हानै बचाज्यो हे वो जी,
कोरोना सू भगता ने बचाज्यो हे वो जी।।



काल पडग्यो भारी बाबा,

काल पडग्यो भारी,
काल सू म्हानै बचाज्यो हे वो जी।।



पलक्या को रोग मिटायो बाबा,

पलक्या को रोग मिटायो,
कोरोना को रोग मिटावजो वो हे जी।।



लोग मरिया भारी बाबा,

लोग मरिया भारी,
लोगा कि जान बचावजो वो है जी।।



जो थारो नाम लेवेला बाबा,

जो थारो नाम लेवेलो,
वो कोरोना सू आज बचेला वो है जी।।



मनोहर अर्ज करे म्हारा बाबा,

मनोहर अर्ज करे,
कलजुग मे परचो दिज्यो वो है जी।।



कोरोना को रोग आयों रे बाबा,

कोरोना को रोग आयों,
कोरोना सू म्हानै बचाज्यो हे वो जी,
कोरोना सू भगता ने बचाज्यो हे वो जी।।

गायक / प्रेषक – मनोहर परसोया।
कविता साउँण्ड किशनगढ़।


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