किशोरी चली आवे हाय धीरे धीरे श्री राधा भजन लिरिक्स

किशोरी चली आवे हाय धीरे धीरे,
हाय धीरे धीरे धीरे हाय होले होले,
आंचल फेरावे हाय धीरे धीरे,
किशोरी चली आवें हाय धीरे धीरे।।



महल से उतरी सखियां सो बोली,

महल से उतरी सखियां सो बोली,
सखियां सो बोली वो सखियां सो बोली,
तनिक सकुचावे हाय धीरे धीरे,
किशोरी चली आवें हाय धीरे धीरे।।



सोवत जो वो अपने महल में,

सोवत जो वो अपने महल में,
वो अपने महल में वो अपने महल में,
कोई इनको जगावे हाय धीरे धीरे,
किशोरी चली आवें हाय धीरे धीरे।।



नैनो में कजरा बालों में गजरा,

नैनो में कजरा बालों में गजरा,
बालों में गजरा नैनो में कजरा,
घुंघट के सर कावे हाय धीरे धीरे,
किशोरी चली आवें हाय धीरे धीरे।।



हम तो उनके दास भए है,

हम तो उनके दास भए है,
दास भए है शरण पड़े हैं,
श्री राधे राधे गावे हाय धीरे धीरे,
किशोरी चली आवें हाय धीरे धीरे।।



किशोरी चली आवे हाय धीरे धीरे,

हाय धीरे धीरे धीरे हाय होले होले,
आंचल फेरावे हाय धीरे धीरे,
किशोरी चली आवें हाय धीरे धीरे।।

स्वर – दीपा दीदी।
प्रेषक – अक्षय शर्मा।
8178368789