केवल शीश है खाटू में है ये झूठी बात भजन लिरिक्स

केवल शीश है खाटू में,
है ये झूठी बात,
मेरी हर खुशी के पीछे,
है श्याम तुम्हारा हाथ,
केवल शीश है खाटू मे,
है ये झूठी बात।।

तर्ज – देना हो तो दीजिये।



टूटी फुटी कुटिया को है,

तुने सजाया हाथो से,
खुशी का तिनका चुन चुन करके,
श्याम लगाया हाथो से,
तेरे हाथो के चलते,
तेरे हाथो के चलते,
है घर मेरा आबाद,
केवल शीश है खाटू मे,
है ये झूठी बात।।



हाथ है तेरा सर पे बाबा,

ये ऐहसास होता है,
सर पे जब तु अंगुली फिराये,
ये विश्वास होता है,
मेरा हाथ पकड के बाबा,
मेरा हाथ पकड के बाबा,
चलता तु मेरे साथ,
केवल शीश है खाटू मे,
है ये झूठी बात।।



हाथ मे लेकर मोरछडी वो,

चमत्कार दिखलाया है,
लगा के झाडा मोरछडी का,
मुर्दे को भी नचाया है,
बाबा तेरे हाथ के जैसा,
बाबा तेरे हाथ के जैसा,
नही हाथ कोई है आज,
केवल शीश है खाटू मे,
है ये झूठी बात।।



जब भी ठोकर खाया बाबा,

जब भी लडखडाया मै,
‘बनवारी’ लगा जोर का धक्का,
फिर भी गिर ना पाया मै,
तेरे हाथो का सहारा,
तेरे हाथो का सहारा,
है बाबा मुझको ज्ञात,
केवल शीश है खाटू मे,
है ये झूठी बात।।



केवल शीश है खाटू में,

है ये झूठी बात,
मेरी हर खुशी के पीछे,
है श्याम तुम्हारा हाथ,
केवल शीश है खाटू मे,
है ये झूठी बात।।

Singer : Saurabh Madhukar
Sent By : Bharat Kumar
Mob. 08684817760


आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें