करुणा की ऐसी नज़र श्याम कर दे भजन लिरिक्स

करुणा की ऐसी,
नज़र श्याम कर दे,
खाली है दामन,
हे दातार भर दे,
बंजर है धरती,
तू फुहार कर दे,
खाली है दामन,
हे दातार भर दे।bd।

तर्ज – मुझसे मोहब्बत का।



है स्वारथ के नाते,

सभी मैंने जाना,
है अपनों ने छीना,
मेरा आशियाना,
सुन कर प्रभु आया शरण,
संकट तू हर ओ संकट हरन,
पतझड़ से जीवन में,
बहार कर दे,
खाली है दामन,
हे दातार भर दे।bd।



तेरे दर का बाबा,

अजब है नज़ारा,
तू दीनों का साथी,
हारों का सहारा,
थक हार कर,
आया हूँ दर,
माँ वाला प्यार,
मुझसे भी कर,
गोदी में ले ले,
तू दुलार कर,
खाली है दामन,
हे दातार भर दे।bd।



रही मेरी रैना,

अमावस सी काली,
आषाढ़ से दिन,
सूखी हर डाली,
कब तक सहूँ,
मैं विनती करूँ,
‘विपिन’ के वृक्षों को,
फलदार कर दे,
खाली है दामन,
हे दातार भर दे।bd।



करुणा की ऐसी,

नज़र श्याम कर दे,
खाली है दामन,
हे दातार भर दे,
बंजर है धरती,
तू फुहार कर दे,
खाली है दामन,
हे दातार भर दे।bd।

गायक – विपिन तनेजा।


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें