कलयुग रो एक धणी है चर्चा या जोर घणी है भजन लिरिक्स

कलयुग रो एक धणी है,
चर्चा या जोर घणी है,
सब बोले जय श्री श्याम जी,
ओ बाबा सगला पुकारे थारो नाम जी।।



साल सवाई जाता,

हर महिना जावे हो,
मनडो ललचावे तब ही,
खाटू जा आवे हो,
जादू सो सब पे छायो,
से को हियो भरमायो,
धुन से की लागी सुबहो शाम की
ओ बाबा सगला पुकारे थारो नाम जी।।



कितरा निशान चढ़ गया,

गूंजे जय कारा हो,
खीर और चूरमे का,
भोग घनेरा हो,
सूतयोडा भाग जग्या है,
तब से ही उमड़ रया है,
से का ही बिगडया,
बन गया काम जी,
ओ बाबा सगला पुकारे थारो नाम जी।।



कितरा ही बागा पहरे,

श्याम सजे है हो,
सोना चांदी और रुपया,
खूब चड़े है हो,
सगला ही धोक लगा रया,
‘रवि’ कहवे आशीष पा रया,
धन धन तू आओ,
खाटू धाम जी,
ओ बाबा सगला पुकारे थारो नाम जी।।



कलयुग रो एक धणी है,

चर्चा या जोर घणी है,
सब बोले जय श्री श्याम जी,
ओ बाबा सगला पुकारे थारो नाम जी।।

Singer – Rajguru


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