कब होगा तेरा दीदार कुछ तो बोलो सरकार चित्र विचित्र भजन

कब होगा तेरा दीदार,
कुछ तो बोलो सरकार,
श्याम कब आओगे,
श्याम कब आओगे,
कब होगा तेरा दीदार,
कुछ तो बोलो सरकार,
श्याम कब आओगे,
श्याम कब आओगे।।

तर्ज – चिट्ठी ना कोई संदेश।



किस बात पे रूठे हो,

आकर तो बताओ सही,
तेरे बिन मनमोहन,
दिल मेरा ये लगता नहीं,
सुना तुझ बिन संसार,
रही अँखियाँ तुझे निहार,
श्याम कब आओगे,
श्याम कब आओगे।।

कब होगा तेरा दिदार,
कुछ तो बोलो सरकार,
श्याम कब आओगे,
श्याम कब आओगे।।



आई जीवन की शाम,

तुम नहीं आए घनश्याम,
पल पल मै घबराऊँ,
कैसे रखु दिल थाम,
बिखरा मेरा श्रृंगार,
मेरा बिलख रहा है प्यार,
श्याम कब आओगे,
श्याम कब आओगे।।

कब होगा तेरा दिदार,
कुछ तो बोलो सरकार,
श्याम कब आओगे,
श्याम कब आओगे।।



मेरे दर्द भरे ये गीत,

तू सुनले मन के मीत,
अब और ना तड़पाओ,
मै हारा तुम गए जीत,
ओ चित्र विचित्र के यार,
करने हमपे उपकार,
श्याम कब आओगे,
श्याम कब आओगे।।

कब होगा तेरा दिदार,
कुछ तो बोलो सरकार,
श्याम कब आओगे,
श्याम कब आओगे।।



कब होगा तेरा दीदार,

कुछ तो बोलो सरकार,
श्याम कब आओगे,
श्याम कब आओगे,
कब होगा तेरा दीदार,
कुछ तो बोलो सरकार,
श्याम कब आओगे,
श्याम कब आओगे।।


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