काहे गोकुल छोड़ गया रे तुझ बिन मधुबन सूना भजन लिरिक्स

काहे गोकुल छोड़ गया रे,
तुझ बिन मधुबन सूना,
तुझ बिन मधुबन सूना।।

तर्ज – मेरे नैना सावन भादो।
(राग – शिवरंजिनी।)



प्रीत पुरानी वो, याद सुहानी वो,

प्रीत पुरानी वो, याद सुहानी वो,
ओ कान्हा तुझे याद नहीं क्या,
सखियों के संग वादे,
बचपन की वो यादे,
आ जा रे ओ श्याम सलोने,
अपनों को यूँ सता ना,
तुझ बिन मधुबन सूना,
काहें गोकुल छोड़ गया रे,
तुझ बिन मधुबन सूना,
तुझ बिन मधुबन सूना।।



नैना तरसते है, आंसू बरसते है,

नैना तरसते है, आंसू बरसते है,
तुझ बिन मोहन ग्वालों के संग,
गव्वे कौन चराये,
माखन कौन चुराए,
छोड़ दिया है गुजरियों ने,
माखन आज भी लोना,
तुझ बिन मधुबन सूना,
काहें गोकुल छोड़ गया रे,
तुझ बिन मधुबन सूना,
तुझ बिन मधुबन सूना।।



बंसी बजा जा रे, तान सुना जा रे,

बंसी बजा जा रे, तान सुना जा रे,
सखियों के संग कुञ्ज गलिन में,
कौन जो रास रचाए,
‘हर्ष’ तू क्यों ना आए,
जमुना तट हो या पनघट हो,
सूना है सारा जमाना,
तुझ बिन मधुबन सूना,
काहें गोकुल छोड़ गया रे,
तुझ बिन मधुबन सूना,
तुझ बिन मधुबन सूना।।



काहे गोकुल छोड़ गया रे,

तुझ बिन मधुबन सूना,
तुझ बिन मधुबन सूना।।

Singer : Mukesh Bagda


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