प्रथम पेज राजस्थानी भजन इन भारत देश में कैसी फैशन आई देसी भजन लिरिक्स

इन भारत देश में कैसी फैशन आई देसी भजन लिरिक्स

इन भारत देश में कैसी फैशन आई,

दोहा – श्वास लेता हूँ तो,
जख्मों को हवा लगती हैं,
ए जिंदगी तु मेरे क्या लगती हैं?
सुखों की सोत,
दुखों की दुल्हन लगती हूँ,
सही मायने से जिओ,
वरना मौत लगती हूँ।



इन भारत देश में कैसी फैशन आई,

इन भारत देश में कैसी फ़ैशन आई।।



हाथ जोड़ कर करु विनति,

सुनो बात सज्जनों मेरी,
आज सुनाता हूँ मैं तुमको,
बाता सारी फैशन की,
इस दुनिया ने मती बिगाड़ी,
अपने भारत देशन की,
इस दुनिया ने मति बिगाड़ी,
अपने भारत देशन की,
चिमनी भर का तेल नहीं,
जो बात करें टेगेशन की,
घर बोलना आता नहीं और,
बात करें वो लेक्चर की,
घर आवे जद रोल मचावे,
रो रो देख लुगाई रे,
इन भारत देश में कैसी फ़ैशन आई।।



धोती पहनना छोड़ दिया और,

पेहरण लागा पैंट और बूट,
धोती पहनना छोड़ दिया और,
पैहरण लागा पैंट और बुट,
बाहर जाय ने करें मजूरी,
तनखा सारी जावें छुट,
बाहर जाय ने करें मजूरी,
तनखा सारी जावे छुट,
केवें हेलीकॉप्टर चलावा,
घर आवे जद बोले झूठ,
केवे हेलीकॉप्टर चलावा,
घर आवे जद बोले झूठ,
लम्बा लम्बा बाल बढावे,
जुआं बैंठ ने काढे अपुट,
लम्बा लम्बा बाल बढावे,
जुआं बैठने काढ़े अपुट,
देखा देखी पङवा लागी,
अब देखो भायों में फूट,
देखा देखी पङवा लागी,
अब देखो भायो में फूट,
सीनो तान चले गलियां में,
मन में करें बढ़ाई,
इन भारत देश में कैसी फ़ैशन आई।।



रामा श्यामा चला गया हैं,

चला गया है नमस्कार,
रामा श्यामा चला गया है,
चला गया है नमस्कार,
हाथ मिलावे झटका मारे,
थैंक यू बोले बारम्बार,
हाथ मिलावे झटका मारे,
थैंक यू बोले बारम्बार,
होटल से चाय मंगावे,
घर आवे जद भुआ तैयार,
होटल से चाय मंगावे,
घर आवे जद भुआ तैयार,
बात कहे वो पर घर बैठा,
मन में है वो है हुशियार,
बात कहें वो पर घर बैठा,
मन में हैं वो हैं हुशियार,
इस कलयुग में मौज उड़ावे,
के दर्जी के नाई,
इन भारत देश में कैसी फ़ैशन आई।।



घमक घाघरा छोड़ दिया और,

पैरण लागी पेटी कोट,
घमक घाघरा छोड़ दिया और,
पैरण लागी पेटी कोट,
जुती जगह सैंडल पेरे,
चाहे आए पैरों में चोट,
जूती जगह सैंडल पेरे चाहे,
आए पैरों में चोट,
एक हाथ में कड़ा पहन कर,
एक हाथ में बांधे घड़ी,
एक हाथ में कड़ा पहन कर,
एक हाथ में बांधे घड़ी,
अपने पति के सामे बोले,
आंख दिखावे बड़ी बड़ी,
अपने पति के सामे बोले,
आंख दिखावे बड़ी बड़ी,
‘रामनिवास’ कहे भारत में,
आ काई फैशन आन पड़ी,
राम निवास कहे भारत में,
आ काई फैशन आन पड़ी,
चार चार आँगल बाल कटावे,
चाहे बाई केवो साहे भाई,
इन भारत देश में कैसी फ़ैशन आई।।



इन भारत देश में कैसी फैशन आई,

इन भारत देश में कैसी फ़ैशन आई।।

गायक – प्रमोद पंडित।
प्रेषक – सौरव गर्ग अर्जियाना।
(तह. – सिवाना जिला – बाड़मेर )
मो. – 9610190649


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