हम तेरे नादान से बालक तुम दया के सागर हो लिरिक्स

हम तेरे नादान से बालक,
तुम दया के सागर हो,
एक एक बूंद में तेरे अमृत,
हमको जान से प्यारा है,
हम तेरें नादान से बालक।।

तर्ज – फूल तुम्हे भेजा है।



यह जीवन है तेरी अमानत,

इसको अपना ही माना,
जब तक तेरी शरण ना आयी,
अपना इसको ना जाना,
तुम हो जग के पालनहारे,
मेरा भी कुछ ध्यान करो,
हम तेरें नादान से बालक।।



दुनिया तेरे दर पर मांगे,

खाली दामन फैलाकर,
हाथ पकड़ लो बाबा मेरा,
ठोकर खाई हूं दर दर,
तुम मेरे बन जाओ बाबा,
चरणों में यह अर्जी है,
हम तेरें नादान से बालक।।



तेरी राहों में बालाजी,

पलके आज बिछाई है,
तेरे होते दुख पाउँ मैं,
क्या यह तेरी मर्जी है,
आके तेरे दर पर मैंने,
यह अरदास लगाई है,
हम तेरें नादान से बालक।।



हम तेरे नादान से बालक,

तुम दया के सागर हो,
एक एक बूंद में तेरे अमृत,
हमको जान से प्यारा है,
हम तेरें नादान से बालक।।

स्वर – तारादेवी।
प्रेषक – कन्हैयालाल पाटीदार।
9165565145


आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें