हुई आँख बंद और वो सपने में आया भजन लिरिक्स

हुई आँख बंद और वो सपने में आया भजन लिरिक्स

हुई आँख बंद और वो सपने में आया,
हुई आंख बंद और वो सपने में आया,
मुझको सांवरे ने है बुलाया,
मुझको सांवरे ने है बुलाया।।

तर्ज – हुई आँख नम और ये।



अब सुनाऊं कहानी मैं उस रात की,

चैन से सो रही थी मैं उस रात भी,
अचानक से सन्मुख मेरे श्याम आया,
मुझको सांवरे ने है बुलाया,
मुझको सांवरे ने है बुलाया।।



देखि सूरत तेरी जाने क्या हो गया,

देखि सूरत तेरी जाने क्या हो गया,
मैं तो ओ सांवरे बस तेरा हो गया,
मैं तो ओ सांवरे बस तेरा हो गया,
चढ़के लिले श्याम ने दर्श मुझको दिखाया,
मुझको सांवरे ने है बुलाया,
मुझको सांवरे ने है बुलाया।।



अब ना चिंता फिकर है किसी काम से,

अब ना चिंता फिकर है किसी काम से,
हो गई मुलाकात अब मेरे श्याम से,
हो गई मुलाकात अब मेरे श्याम से,
‘गिरिराज’ को जो तूने है अपना बनाया,
मुझको खाटूवाले ने है बुलाया,
मुझको सांवरे ने है बुलाया।।



हुई आँख बंद और वो सपने में आया,

हुई आंख बंद और वो सपने में आया,
मुझको सांवरे ने है बुलाया,
मुझको सांवरे ने है बुलाया।।

Singer – Vijeta Kanchan


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