प्रथम पेज राजस्थानी भजन हट मत पकड़े पार्वती थाने शिवजी परणवा आवेला लिरिक्स

हट मत पकड़े पार्वती थाने शिवजी परणवा आवेला लिरिक्स

हट मत पकड़े पार्वती,

दोहा – आप बिना नहीं आसरो,
जगतारण जगदीश,
शंकर भोलेनाथ ने भाया,
चरण निवावा शीश।



हट मत पकडे पार्वती,

थाने शिवजी परणवा आवेला,
हट मत पकडे पार्वती।।



तु मत जाणे भोलो लावेलो बाराती,

तु मत जाणे भोलो लावेलो बाराती,
वो तो भूतों वाला टोला लावेलो,
हट मत पकडे पार्वती,
थाने शिवजी परणवा आवेला,
हट मत पकडे पार्वती।।



तू मत जाणे बैठे मेहल माल्या,

तू मत जाणे बैठे मेहल माल्या,
वो तो पहाड़ों पर धुणी जगावे लो,
हट मत पकडे पार्वती,
थाने शिवजी परणवा आवेला,
हट मत पकडे पार्वती।।



तू मत जाणे गोरा करेला भोजन,

तू मत जाणे गोरा करेला भोजन,
वो तो भांग धतूरा घोटावेलो,
हट मत पकडे पार्वती,
थाने शिवजी परणवा आवेला,
हट मत पकडे पार्वती।।



तु मत जाणे लावे साल दुशाला,

तु मत जाणे लावे साल दुशाला,
वो तो अंग भभुती रमावेलो,
हट मत पकडे पार्वती,
थाने शिवजी परणवा आवेला,
हट मत पकडे पार्वती।।



‘शंभूनाथ’ शिवजी रो चाकर,

‘शंभूनाथ’ शिवजी रो चाकर,
गुरु चरणों में शीश झुकावेलो,
हट मत पकडे पार्वती,
थाने शिवजी परणवा आवेला,
हट मत पकडे पार्वती।।



हट मत पकड़े पार्वती,

थाने शिवजी परणवा आवेला,
हट मत पकडे पार्वती।।

गायक – राजकुमार सैनी।
प्रेषक – सुभाष सारस्वत काकड़ा।
9024909170


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