हमे गुरुदेव तेरा सहारा ना मिलता भजन लिरिक्स

हमे गुरुदेव तेरा सहारा ना मिलता भजन लिरिक्स

हमे गुरुदेव तेरा सहारा ना मिलता,
ये जीवन हमारा दौबारा ना मिलता।।

तर्ज – हमें और जीने की।



सांसो की सरगम मध्यम हुई थी,

जीनै की आशा भी झीलमील हुई थी,
तेरे नाम का जो सहारा ना मिलता,
ये जीवन हमारा दौबारा ना मिलता।।



रिश्तों की चौखट पे ठोकर जो खाई,

अपने परायौ की समझ में तो आई,
सच्चा जो तेरा सहारा ना मिलता,
ये जीवन हमारा दौबारा ना मिलता।।



मौजो की मस्ती में कश्ती ढुबौई,

जब सब लुटा तो तेरी याद आई,
कश्ती को जो तेरा सहारा ना मिलता,
ये जीवन हमारा दौबारा ना मिलता।।



सांसो की सरगम मध्यम हुई थी,

जीनै की आशा भी झीलमील हुई थी,
तेरे नाम का जो सहारा ना मिलता,
ये जीवन हमारा दौबारा ना मिलता।।



हमे गुरुदेव तेरा सहारा ना मिलता,

ये जीवन हमारा दौबारा ना मिलता।।

सिगंर – असलम मीर मालपुरा
9509045312


आपको ये भजन कैसा लगा ? अपने विचार बताएं

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें