हारता जा रहा,
तू कहाँ श्याम है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
तर्ज – जिंदगी हर कदम।
ठोकर खाकर दुनिया की,
तेरे दर पे आया हूं,
कल तक था अपना जिनका,
आज उन्हीं का पराया हूं,
मुझको तू अपना ले सांवरे,
मेरे सांवरे,
मर न जाऊं कहीं,
इतनी सी जान है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
टूटे हुए दिल में मेरे,
एक विश्वास तुम्हारा है,
और किसी से आस नहीं,
बस तुमको ही पुकारा है,
आकर लाज बचालो सांवरे,
मेरे सांवरे,
मेरा मालिक है तू,
मेरा भगवान है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
कितनी परीक्षा लोगे तुम,
बाबा अपने दास की,
टूट रहीं है मालाएं,
मेरी हर एक सांस की,
और सहा ना जाए सांवरे,
मेरे सांवरे,
विक्की भी तो तेरी,
श्याम संतान है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
हारता जा रहा,
तू कहाँ श्याम है,
मन परेशान है,
मन परेशान है।।
Singer / Lyrics – Vikas Aggarwal Vicky
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