प्रथम पेज राजस्थानी भजन गुरु रे वचनो में दोरो हालणो देसी भजन लिरिक्स

गुरु रे वचनो में दोरो हालणो देसी भजन लिरिक्स

गुरु रे वचनो में दोरो हालणो,
भेणो खांडा वाली धारा,
धारा चुका ने अणिया मार सी,
हिरदे धरो मेरा भाई,
गुरु रे वचनों में दोरो हालणो।।



अरे भाई पांच बलदो री गाडली,

उदड़ खडिया जावे ओ,
सुगरा मिल जावे कोई सागडी़,
घेर न मार्ग लावे ओ,
गुरु रे वचनों में दोरो हालणो।।



अरे भाई गुरु लोभी चेलों लालची,

रिल मिल खेले दोनु डावा ओ,
दोनु डुबे ला डुबी बायरां,
भेवे पत्थर वाली नावां ओ,
गुरु रे वचनों में दोरो हालणो।।



अरे भाई पांच विषे ने पर हरे,

वेई संत कहावे,
धर्मीदास जी विनती,
वासा वेकुटा मे पावे ओ,
गुरु रे वचनों में दोरो हालणो।।



गुरु रे वचनो में दोरो हालणो,

भेणो खांडा वाली धारा,
धारा चुका ने अणिया मार सी,
हिरदे धरो मेरा भाई,
गुरु रे वचनों में दोरो हालणो।।

गायक/प्रेषक – भाकर बिराई।
मो. 9166293033


कोई टिप्पणी नही

आपको ये भजन कैसा लगा? कृपया प्ले स्टोर से भजन डायरी एप्प इनस्टॉल कीजिये।

अपनी टिप्पणी लिखें
अपना नाम दर्ज करें

error: कृपया प्ले स्टोर से \"भजन डायरी\" एप्प डाउनलोड करे।